Moringa Benefits: मोरिंगा, जिसे हिंदी में 'सहजन' भी कहा जाता है, मोरिंगा एक विशेष पौधा है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए अद्भुत काम करता है। इसकी पत्तियों, फलों और बीजों में विशेष गुण होते हैं जो हमें स्वस्थ रखते हैं। मोरिंगा खाने से हमें बहुत सारी ऊर्जा मिलती है और हमें मजबूत बने रहने में मदद मिलती है। यह एक सुपरहीरो भोजन की तरह है जो हमें बीमार होने से बचाता है। आज हम इस article में बात करेंगे मोरिंगा से होने वाले फायदे के बारे में और मोरिंगा से होने वाले नुकसानों के बारे में|
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Why moringa is considered a powerful superfood
मोरिंगा में बहुत सारे पोशक तत्व होते हैं, आपकी बॉडी को जितने भी पोशक तत्वों की आवश्यकता है जितने भी न्यूट्रिएंट्स की आवश्यकता है वह सभी आपको मोरिंगा में मिलेंगे यहां तक की इसमें आपको प्रोटीन भी मिलेगा आमतौर पर जो प्रोटीन होता है वह बीजों में होता है लेकिन मोरिंगा की पत्तियां में बहुत ज्यादा प्रोटीन होता है इसके अलावा विटामिन, मिनरल, अमिनो एसिड आप किसी भी न्यूट्रिएंट्स का नाम लीजिए वे आपको मोरिंगा में मिलेगा इसमें 92 अलग-अलग तरह के न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं. तो न्यूट्रिएंट्स का भंडार है मोरिंगा और कोई भी फूड सोर्स मोरिंगा की बराबरी नहीं कर सकता अगर पोशाक तत्वों की बात की जाए तो ये एक कंप्लीट फूड सोर्स है आपकी बॉडी के लिए और सबसे मजेदार बात ये है की जो मोरिंगा है यह 200 अलग-अलग बीमारियों को ठीक करता है इतना beneficial है मोरिंगा. यहां पर हम खास तोर पर मोरिंगा की पत्तियां के बारे में बात कर रहे हैं मोरिंगा Leaves के बारे में, तो इतने सारे पोशाक तत्व होने कारन और 200 अलग-अलग तरह की बीमारियों का इलाज करने के कारन moringa को आपके गार्डन में जगह मिलनी चाहिए. आप अपने घर में जो सब्जियां उगाते हैं या आप अपने घर में गमले में जो पौधे उगाते हैं उनमें मोरिंगा का एक स्थान जरूर होना चाहिए और आपको हफ्ते 10 दिन में एक बार मोरिंगा के पत्तों के सब्जी बनाकर जरूर खानी चाहिए | तो चलिए एक-एक करके जानते हैं की मोरिंगा किन-किन बीमारियों को ठीक करता है जितनी भी मुख्य बीमारियां हैं, मेजर डिजीज हैं उनमें मोरिंगा फायदा करता है इनके बारे में मैं आपको बता रहा हूं और एन्ड में आपको बताऊंगा की इसके तीन साइड इफेक्ट क्या हो सकते हैं|
Moringa oleifera uses:-
1) डायबिटीज टाइप वन और टाइप टू (Moringa Benefits)
तो सबसे पहले बीमारी जिसको मोरिंगा ठीक करता है वह डायबिटीज और सबसे शानदार बात ये है की मोरिंगा टाइप वन और टाइप टू दोनों तरह की डायबिटीज को ठीक करता है| टाइप वन डायबिटीज में क्या होता है की आपकी बॉडी में इंसुलिन नहीं बनती जिसके कारन आपका ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है और टाइप टू डायबिटीज में क्या होता है की आपकी बॉडी में इंसुलिन तो बनती है लेकिन आपका शरीर इस इंसुलिन का इस्तेमाल नहीं कर पाता जिसकी वजह से आपकी ब्लड शुगर बढ़ती है| तो मोरिंगा टाइप वन और टाइप टू दोनों तरह की बीमारियों को ठीक करता है| मोरिंगा पाउडर खाने से आपका जो शरीर है, आपका जो पेनक्रियाज है वह इंसुलिन बनाने लगता है जिसके करण टाइप वन डायबिटीज क्योर होती है और मोरिंगा क्या करता है की आपकी बॉडी के जो सेल्स हैं वह इंसुलिन का इस्तेमाल करने लगते हैं, जब आप मोरिंगा खाता हैं तो इससे टाइप टू डायबिटीज भी क्योर होती है जो इंसुलिन आपके शरीर में बन रही है, टू डायबिटीज वाले लोगों में उनके सेल्स इस इंसुलिन का इस्तेमाल करने लगते हैं जिससे टाइप टू डायबिटीज की बीमारी रिवर्स होती है| तो टाइप वन और टाइप टू दोनों तरह की डायबिटीज में मोरिंगा खाने से फायदा होता है| आपका ब्लड शुगर लेवल लो होता है| डायबिटीज की कुछ और कॉम्प्लिकेशंस होती हैं, जिन लोगों को डायबिटीज होती है चाहे टाइप वन हो चाहे टाइप टू हो उनकी नसे खराब होने लगती है इसे न्यूरोपैथिक नाम से जाना जाता है, खून की नसे खराब होने लगती है, खून की नसों के अंदर ब्लड क्लोटिंग होने लगती है, ब्लॉकेज होने लगती है, रेटिना खराब होने लगता है, आंखें खराब होने लगती है अगर शुगर ज्यादा बढ़ जाए तो किडनी को खराब कर देती है, किडनी डैमेज हो जाति है और डायबिटीज वाले लोगों की स्किन खराब हो जाति है की प्रॉब्लम्स होती है| अगर चोट आ जाए तो कई बार चोट ठीक नहीं होती तो मोरिंगा इन सब से भी आपको निजाज दिलाता है| अगर आप मोरिंगा का नियमित सेवन करते हैं तो आपकी बॉडी के जितने भी टिशूज हैं मोरिंगा इनको प्रोटेक्ट करता है यानी आपकी नसों को प्रोटेक्ट करता है, ब्लड वेसल को प्रोटेक्ट करता है, रेटिना को प्रोटेक्ट करता है, किडनी को प्रोटेक्ट करता है, स्किन को प्रोटेक्ट करता है तो जो लोग डायबिटीज वाले हैं और साथ में मोरिंगा का सेवन करते हैं एक तो उनके डायबिटीज कंट्रोल में रहेगी दूसरा उनको डायबिटीज की कॉम्प्लिकेशंस नहीं होगी ये फायदा है मोरिंगा का डायबिटीज के लिए|इसे जरूर देखे:- Top 5 Cashback Credit Cards: वर्षाला ₹२०,००० वाचवणारी बेस्ट कार्ड्स - संपूर्ण माहिती (2026)
मोरिंगा यह ट्रेडिशनल जड़ी बूटी है हमारे भारत की है तो अगर हम मॉडर्न science की बात करें तो मॉडर्न science ने भी मोरिंगा के ऊपर एक्सपेरिमेंट किया हैं, आपको पता ही है की मॉडर्न science जो है यह चुहों के ऊपर या रैबिट्स के ऊपर एक्सपेरिमेंट करती है तो मोरिंगा का एक्सपेरिमेंट भी हुआ है चुहों के ऊपर, जो डायबिटीज वाले चूहे थे उनको मोरिंगा खिलाकर देखा गया क्योंकि उनके ऊपर क्या इफेक्ट होता है तो ऐसा देखा गया की जब शुगर वाले चुहोंको को मोरिंगा दिया गया तो उनकी जो शुगर की बीमारी थी वह बढ़ना रुक गई और खून में इंसुलिन का लेवल बढ़ गया जैसे मैंने आपको पहले बताया था इसे खाने से इंसुलिन बनने लगती है और जो पेनक्रियाज के टिश्यूज थे जो पेनक्रियाज के बीटा सेल्स थे उनमें ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ गई और उनमें जो डिजनरेटिव चेंजेस आ रहे थे वह रुक गए और रिवर्स होने शुरू हो गए इसका क्या मतलब हुआ की पेनक्रियाज के जो बीटा सेल्स खराब हो चुके थे जो इंसुलिन नहीं बना पा रहे थे वे ठीक होना शुरू हो गए यानी पेनक्रियाज ठीक होना शुरू हो गयी| तो ऐसी बहुत सारी स्टडीज हैं जिन्होंने इस चीज को कंफर्म कर दिया है की मोरिंगा का बेनिफिशियल इफेक्ट डायबिटीज के ऊपर होता है| ट्रेडिशनल तोर पर भी ये चीज साबित हो चुकी है और मॉडर्न science के हिसाब से भी लैब में एक्सपेरिमेंट करके भी ये चीज साबित हो चुकी है की मोरिंगा जो है यह डायबिटीज को ठीक करता है और पेनक्रियाज को ठीक करता है तो डायबिटीज वाले लोग मोरिंगा का सेवन करना शुरू करें, अगर घर में सब्जी है मोरिंगा के पत्तों की तो आप हफ्ते 10 दिन में एक बार खाएं या फिर आप मोरिंगा का पाउडर ले आएं बाजार में से और आधा चम्मच एक दिन में सेवन करें किसी भी चीज में डालकर खाएं किसी भी तरीके से, किसी भी समय खाए आपको फायदा होगा|
मोरिंगा यह ट्रेडिशनल जड़ी बूटी है हमारे भारत की है तो अगर हम मॉडर्न science की बात करें तो मॉडर्न science ने भी मोरिंगा के ऊपर एक्सपेरिमेंट किया हैं, आपको पता ही है की मॉडर्न science जो है यह चुहों के ऊपर या रैबिट्स के ऊपर एक्सपेरिमेंट करती है तो मोरिंगा का एक्सपेरिमेंट भी हुआ है चुहों के ऊपर, जो डायबिटीज वाले चूहे थे उनको मोरिंगा खिलाकर देखा गया क्योंकि उनके ऊपर क्या इफेक्ट होता है तो ऐसा देखा गया की जब शुगर वाले चुहोंको को मोरिंगा दिया गया तो उनकी जो शुगर की बीमारी थी वह बढ़ना रुक गई और खून में इंसुलिन का लेवल बढ़ गया जैसे मैंने आपको पहले बताया था इसे खाने से इंसुलिन बनने लगती है और जो पेनक्रियाज के टिश्यूज थे जो पेनक्रियाज के बीटा सेल्स थे उनमें ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ गई और उनमें जो डिजनरेटिव चेंजेस आ रहे थे वह रुक गए और रिवर्स होने शुरू हो गए इसका क्या मतलब हुआ की पेनक्रियाज के जो बीटा सेल्स खराब हो चुके थे जो इंसुलिन नहीं बना पा रहे थे वे ठीक होना शुरू हो गए यानी पेनक्रियाज ठीक होना शुरू हो गयी| तो ऐसी बहुत सारी स्टडीज हैं जिन्होंने इस चीज को कंफर्म कर दिया है की मोरिंगा का बेनिफिशियल इफेक्ट डायबिटीज के ऊपर होता है| ट्रेडिशनल तोर पर भी ये चीज साबित हो चुकी है और मॉडर्न science के हिसाब से भी लैब में एक्सपेरिमेंट करके भी ये चीज साबित हो चुकी है की मोरिंगा जो है यह डायबिटीज को ठीक करता है और पेनक्रियाज को ठीक करता है तो डायबिटीज वाले लोग मोरिंगा का सेवन करना शुरू करें, अगर घर में सब्जी है मोरिंगा के पत्तों की तो आप हफ्ते 10 दिन में एक बार खाएं या फिर आप मोरिंगा का पाउडर ले आएं बाजार में से और आधा चम्मच एक दिन में सेवन करें किसी भी चीज में डालकर खाएं किसी भी तरीके से, किसी भी समय खाए आपको फायदा होगा|
2) कैंसर (Moringa Benefits)
मोरिंगा का दूसरा फायदा होता है कैंसर (Cancer) के लिए मोरिंगा कैंसर से प्रीवेंट भी करता है, कैंसर को फैलने से भी रोकता है और कैंसर का इलाज भी करता है| जिन खास कैंसर में मोरिंगा ज्यादा यूजफुल होता है वह ब्रेस्ट कैंसर, रोस्टेड कैंसर, पेनक्रियाज कैंसर और कोलोन कैंसर इनमें मोरिंगा ज्यादा प्रभावी होता है| मोरिंगा क्या करता है की बॉडी में कुछ कैंसर सेल्स होते हैं और कुछ नॉर्मल सेल्स होते हैं, जो कैंसर सेल होते हैं वह धीरे-धीरे फैलते हैं और नॉर्मल सेल्स को अपनी चपेट में लेते हैं इस तरीके से कैंसर बॉडी में फैलता है, तो मोरिंगा क्या करता है की कैंसर सेल्स को नॉर्मल सेल्स में फैलने से रोकता है इसका मतलब ये हुआ की जितना कैंसर बॉडी में है वह आगे नहीं बढ़ता तो नॉर्मल सेल्स को कैंसर होने से बचाता है|दूसरा मोरिंगा क्या करता है की बॉडी में जैसे कैंसर ट्यूमर होता है तो ये कैंसर ट्यूमर के अंदर नई खून की नसों को बनने से रोकता है| आपको पता है जब ट्यूमर हो जाता है तो वह धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हो जाता है, ट्यूमर का साइज धीरे-धीरे बड़ा होने लगता है| वह कैसे होता है, ट्यूमर के अंदर नई खून की नसे बनने लगती हैं यानी धीरे-धीरे नई नसे बनती है| खून की नसे ट्यूमर के अंदर जिसे ट्यूमर बड़ा होता रहता है तो मोरिंगा इस नई खून की नसों को बनने से रोकता है जिससे ट्यूमर का साइज नहीं फैलता वह जितना है उतना ही रह जाता है| तो यह फायदा करता है मोरिंगा ट्यूमर के लिए| जब नई खून की नसे नहीं बनती ट्यूमर के अंदर तो उसे फैलने के लिए खून की सप्लाई नहीं मिलती, जरूरी न्यूट्रिएंट्स नहीं मिलते जिसकी वजह से जो ट्यूमर है वह फैल नहीं पाता और जब ट्यूमर की कोशिकाओं को न्यूट्रिएंट्स नहीं मिलते, नया खून नहीं मिलता तो वह फिर धीरे-धीरे मरने लगती हैं तो इस तरह जो मोरिंगा है यह ट्यूमर को फैलने से भी रोकता है और उसे खत्म भी करता है| मोरिंगा की सबसे खास बात यह है की अगर आप कैंसर की ट्रीटमेंट करवा रहे हैं जैसे आप कीमोथेरेपी ले रहे हैं या रेडिएशन थेरेपी ले रहे हैं तो आप मोरिंगा का यूज़ इनके साथ-साथ कर सकते हैं आपको इन ट्रीटमेंट को छोड़ने की आवश्यकता नहीं है इससे मोरिंगा का फायदा भी आपको मिलेगा और जो आप इलाज करवा रहे हैं वह भी चलता रहेगा| यानी आपके मन में कोई शंका नहीं रहेगी की क्या करें पुराना इलाज बंद करें, नया इलाज शुरू करें आप दोनों को एक साथ कर सकते हैं इससे आपको डबल फायदा होगा|
अगर आप कैंसर से लड़कर ठीक हो चुके हैं तो ऐसे भी लोग होते हैं जिनको दोबारा कैंसर हो जाता है तो अगर आप कैंसर से ठीक हो चुके हैं तो आपके लिए मोरिंगा का रेगुलर सेवन करना बड़ा जरूरी है| अगर आप मोरिंगा का रेगुलर सेवन करते रहेंगे तो आपको दोबारा जिंदगी में कैंसर नहीं होगा, आपके दोबारा कैंसर होने के चांसेस बहुत ज्यादा कम हो जाएंगे क्योंकि जैसा मैंने आपको पहले बताया था की मोरिंगा नॉर्मल सेल्स में कैंसर को फैलने से रोकता है तो इस तरीके से मोरिंगा का बहुत ज्यादा यूज़ है कैंसर में|
3) हाई कोलेस्ट्रॉल (Moringa Benefits)
मोरिंगा का अगला फायदा होता है हाई कोलेस्ट्रॉल में, मोरिंगा हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करता है| जब आप मोरिंगा का सेवन करते हैं तो एक तो आपकी बॉडी में जो फैट है वह सही से हजम होने लगती है इससे आपका कोलेस्ट्रॉल कम होता है| दूसरा आपकी बॉडी में जो फैट को जलाने का मेकैनिज्म है, आपकी बॉडी जो फैट का इस्तेमाल करती है एनर्जी के रूप में यह उस फैट बर्निंग मेकैनिज्म को एनहांस कर देता है यानी उसे बहुत ज्यादा सुधार देता है| खराब मेटाबॉलिज्म और खराब फैट बर्निंग मेकैनिज्म की वजह से भी कोलेस्ट्रॉल हाई होता है तो इन दोनों चीजों को मोरिंगा ठीक करता है| इसके बाद मोरिंगा क्या करता है की यह लिवर के फंक्शन को सुधारता है| देखिए जो कोलेस्ट्रॉल है उसके दो सोर्सेस है, एक है हमारा लिवर और दूसरा है जो फूड हम खाते हैं, अगर हमारा लिवर सही से काम नहीं करता, लिवर फंक्शन में थोड़ी सी भी खराबी है तो हमारा कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ जाता है| मोरिंगा क्या करता है की हमारे लिवर के फंक्शन को सुधारता है अगर लिवर का काम सही रहेगा तो इससे भी हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम होता है| तो इस तरह लिवर के फंक्शन को सुधार कर भी मोरिंगा कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करता है| इसके बाद मोरिंगा क्या करता है की हमारा लिवर जो कोलेस्ट्रॉल बनाता है, वह कोलेस्ट्रॉल खून के जरिए हमारे सेल्स तक पहुंचता है यानी कोलेस्ट्रॉल की ट्रांसपोर्टेशन होती है, लिवर से हमारे बॉडी के सेल्स तक तो यह जो पूरा प्रोसेस है मोरिंगा इस प्रोसेस को सुधारता है यानी आपके लिवर ने कोलेस्ट्रॉल बनाया और ट्रैवल होकर यह कोलेस्ट्रॉल आपके सेल्स तक पहुंचा और आपके सेल ने इसका इस्तेमाल कर लिया, अगर ऐसा होता है, ये मेकैनिज्म सही से काम करता है तो आपके खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है| अगर आपके लिवर ने कोलेस्ट्रॉल बना दिया और यह कोलेस्ट्रॉल ट्रैवल होकर आपके सेल्स तक नहीं पहुंचा तो फिर ये कोलेस्ट्रॉल बीच में ही घूमता रहेगा, आपके खून में घूमता रहेगा और खून की दीवारों के ऊपर चिपकेगा और ब्लॉकेज पैदा करेगा अगर ये सही से ट्रांसपोर्ट हो जाता है आपके सेल्स तक पहुंच जाता है तो आपके सेल्स इसका इस्तेमाल कर लेते हैं जिससे खून में कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम होता है| तो मोरिंगा इस ट्रांसपोर्टेशन के प्रोसेस को बेहतर बनाता है अगर इसमें कोई खराबी है तो उसे दूर करता है, तो इस तरीके से भी मोरिंगा कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करता है|
अब मॉडर्न science की बात करें तो लैब में भी इसके ऊपर टेस्ट हुए हैं 120 दोनों के लिए| खरगोशोंको को मोरिंगा दिया गया और उनके शरीर में कोलेस्ट्रॉल के लेवल के ऊपर स्टडी की गई तो ऐसा देखा गया की उनके शरीर में कोलेस्ट्रॉल भी कम हुआ, ट्रायग्ली साइड भी कम हुआ, एलडीएल भी कम हुआ, वीएलडीएल भी कम हुआ और एचटीएल का लेवल बढ़ गया| एचटीएल जो गुड कोलेस्ट्रॉल होता है तो लैब में हुए एक्सपेरिमेंट में भी इस बात को साबित कर दिया है, मॉडर्न science ने भी इस बात को साबित कर दिया है की जो मोरिंगा है ये कोलेस्ट्रॉल को कम करता है| तो अगर आप कोलेस्ट्रॉल के पेशेंट हैं तो आपको मोरिंगा खाना चाहिए इससे आपका हार्ट हेल्दी रहेगा आपको भविष्य में हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक जैसी समस्याओं का सामना हो सकता है ना करना पड़े, आप इन सब चीजों से बच जाए| तो मोरिंगा इस तरीके से आपके लिए फायदेमंद है|
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4) आर्सेनिक टाक्सीसिटी (Moringa Benefits)
मोरिंगा आर्सेनिक टाक्सीसिटी को कम करना| आर्सेनिक एक जहर होता है जो आजकल हमारे खाने में बहुत ज्यादा बढ़ गया है क्योंकि हम लोग पेस्टिसाइड्स वाला खाना खाते हैं| सब्जियां के ऊपर, अनाज के ऊपर, चावल के ऊपर, गेहूं के ऊपर, फलों के ऊपर हर चीज के ऊपर पेस्टिसाइड का छिड़काव होता है जिसके जरिए जो आर्सेनिक का जहर है ये हमारी बॉडी में जाता है| जो पेस्टिसाइड्स का इस्तेमाल फसलों के ऊपर होता है उसकी वजह से जो ग्राउंड वाटर है वह भी कॉन्टैमिनेटेड हो चुका है, ग्राउंड वाटर में भी पेस्टिसाइड का जहर गुल चुका है जो आप पानी पीते हैं उसमें भी आर्सेनिक होने के चांसेस होते हैं| तो ये जो आर्सेनिक का जहर होता है ये शॉर्ट टर्म में इसके सिम्टम्स नजर नहीं आते हैं की आपके शरीर में आज आर्सेनिक गया और आज ही आपको कुछ उल्टियां, दस्त लग गए ऐसा नहीं होता, लॉन्ग टर्म में इसके धीरे-धीरे इफेक्ट सामने आते हैं, लॉन्ग टर्म में ये आपको नुकसान करता है, लॉन्ग टर्म में यह बहुत सारी समस्याओं को पैदा कर सकता है जैसे कैंसर और हार्ट डिजीज वगैरा तो मोरिंगा की जो पत्तियां होती हैं हमारी बॉडी में आर्सेनिक के जहर को निकालती है, हमारी बॉडी में से आर्सेनिक के ब्याड़ इफेक्ट को कम करती हैं और अगर आप मोरिंगा का रेगुलर सेवन करते हैं तो आपको लॉन्ग टर्म में आर्सेनिक की वजह से जो कॉम्प्लिकेशंस आती हैं उनके आने का खतरा कम हो जाता है, बहुत कम चांसेस हो जाते हैं की आपको आर्सेनिक की वजह से लंबे समय के दौरान कोई प्रॉब्लम हो| ये मोरिंगा का एक बहुत बड़ा बेनिफिट है की आजकल के खराब खान-पान की वजह से जो समस्याएं होती हैं आप उन समस्याओं से बच सकते हैं| जो आर्सेनिक होते हैं ये लिवर को भी बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाता है, तो मोरिंगा की पत्तियां ये लिवर में होने वाले डैमेज को भी रोकती हैं, जो आर्सेनिक की वजह से लिवर का डैमेज होता है| तो ये एक इसका बहुत बड़ा बेनिफिट है|5) सभी तरह के पोशक तत्व (Moringa Benefits)
मोरिंगा आपको सभी तरह के पोशक तत्व मिल जाते हैं जैसे आपको इस आर्टिकल में शुरुआत में ही बताया था| इसमें विटामिन के बारे में बात करें तो विटामिन बी वन, विटामिन बी टू, विटामिन बी थ्री, विटामिन बी सिक्स, विटामिन बी सेवन, विटामिन सी, विटामिन डी, विटामिन ई, विटामिन के, विटामिन ए, प्रोटीन सभी तरह के अमीनो एसिड मतलब 92 अलग-अलग तरह के पोशक तत्व इसमें है| तो अगर आपके शरीर में किसी भी चीज की कमी है जैसे आयरन की कमी है तो इसमें आयरन भी है खून की कमी है तो आपकी खून की कमी भी दूर होगी इन विटामिन और मिनरल्स की वजह से| अगर कोई बीमारी आपके शरीर में है तो मोरिंगा खाने से वह बीमारी दूर होती है क्योंकि मोरिंगा आपके शरीर में पोशक तत्व की कमी को दूर कर देता है जिससे बीमारी दूर हो जाति है तो ये एक मोरिंगा का बहुत बड़ा बेनिफिट है|मोरिंगा का अगला फायदा यह है की ये मसल्स बिल्डिंग में बहुत ज्यादा फायदा करता है| मोरिंगा की 100 ग्राम पत्तियां में 9.8 ग्राम प्रोटीन होता है यानी लगभग 10 ग्राम प्रोटीन होता है, तो 10% प्रोटीन हो गया| शायद ही कोई ऐसी हरि पत्तेदार सब्जी होगी जिसमें इतना प्रोटीन होगा| ग्रेन्स में, दालों में, बीजों में प्रोटीन होता है| पत्तियों में हरि पत्तियों में प्रोटीन बहुत कम होता है, लेकिन मोरिंगा एक ऐसी सब्जी है, एक ऐसा प्लांट है, ऐसी जड़ी बूटी है जिसकी पत्तियों में हाई प्रोटीन है और इसमें सभी तरह के अमीनो एसिड हैं| प्रोटीन और अमीनो एसिड आपके शरीर की बिल्डिंग को बनाने के लिए ईंटों का कम करते हैं जैसे ईट के बिना बिल्डिंग नहीं बन सकती वुसी तरह प्रोटीन और अमीनो एसिड के बिना आपका शरीर नहीं बन सकता, तो अगर आप मसल्स गेन करना चाहते हैं तो मोरिंगा सबसे बेस्ट है| अपनी डायट में शामिल करने के लिए| जो भी लोग जिम जाते हैं, प्लेयर्स हैं, फिजिकल एक्टिविटी करते हैं उनके लिए मोरिंगा पाउडर वरदान से कम नहीं है| प्रोटीन की और अमीनो एसिड की जरुरत पूरा करने के लिए मोरिंगा बेस्ट है|
6) कब्ज की बीमारी (Moringa Benefits)
मोरिंगा खाने से आपके पेट में जो फूड होता है जो भोजन होता है वे अपनी नॉर्मल गति से आगे बढ़ता रहता है| जो कब्ज वाले पेशेंट होते हैं उनमें फूड उतनी तेज गति से आगे नहीं बढ़ता जितना बढ़ना चाहिए, फूड स्लो हो जाता है पेट में जाके| जिसकी वजह से वह कठोर हो जाता है, जम जाता है और सुबह पेट साफ होने में दिक्कत होती है लेकिन मोरिंगा अगर आप खाते हैं तो आपके पेट में जो फूड की स्पीड होनी चाहिए आगे बढ़ने की, इंटेस्टाइन के अंदर आगे बढ़ने की जो स्पीड होनी चाहिए मोरिंगा उस स्पीड को मेंटेन करता है| अगर आपके शरीर में फूड की स्पीड कम है तो मोरिंगा खाने से स्पीड नॉर्मल हो जाएगी| मोरिंगा में विटामिन ए होता है अगर आप 100 ग्राम मोरिंगा की पत्तियां खा लेते हैं तो आपको एक दिन में जितना भी विटामिन ए चाहिए एक ही बार में पूरा हो जाता है| विटामिन ए होता है, यह फैट सॉल्युबल होता है| विटामिन दो तरह के होते है, एक पानी में घुलते है, एक फैट में घुलते है| जो फैट में घुलने वाले विटामिन है इनको आपके शरीर में जाकर अगर फैट ना मिले तो ये घुलेंगे नहीं और आपके शरीर में डाइजेस्ट नहीं होंगे तो मोरिंगा को अगर आप फूड के साथ खाते हैं जैसे भोजन खाया उसके बाद आप मोरिंगा लीजिए, तो भोजन में फैट होती है और जो विटामिन ए है ये इस फैट में गुल जाएगा, आपकी बॉडी में डाइजेस्ट होगा| जब ये विटामिन आपकी आत में पहुंचता है तो फैट के साथ मिलकर आपकी आत के आसपास एक पतली झिल्ली बनाता है, एक चिकनी झिल्ली बनाता है जिसकी वजह से फूड स्लिप करता है, फिसलता है और बड़ी ही आसानी से सही गति से आगे बढ़ता है जिसे आपका Digestion सही रहता है और आपका पेट अच्छे से साफ होता है, तो ये इसका फायदा मोरिंगा का आपकी फूड की मूवमेंट को सही कर देता है|7) इम्यूनिटी पावर (Moringa Benefits)
मोरिंगा आपकी इम्यूनिटी पावर को बड़ा देता है| मोरिंगा में बहुत अधिक मात्रा में विटामिन सी होता है सबको पता है की विटामिन सी इम्यूनिटी को बढ़ाता है जिससे अलग-अलग तरह की बीमारियों से लड़ना आपके शरीर के लिए आसन हो जाता है, अगर आपकी इम्यूनिटी कमजोर है तो आपको हर तीसरी दिन कोई ना कोई नई बीमारी लगती रहेगी, अगर इम्यूनिटी स्ट्रांग है तो फिर आप इन बीमारियों से लड़ पाएंगे तो मोरिंगा आपकी इम्यूनिटी को स्ट्रांग करता है क्योंकि इसमें विटामिन सी की बहुत अधिक मात्रा मौजूद है|8) आरएनए (RNA) और डीएनए (DNA) (Moringa Benefits)
आपके शरीर में आरएनए और डीएनए को बनाने का काम करता है| आपका पूरा शरीर ही डीएनए के ऊपर बना हुआ है तो देख लीजिए मोरिंगा कितना बेनिफिशियल है| मोरिंगा में Folate होता है, Niacin होता है, Pyridoxine होता है, Thiamine होता है, Riboflavin होता है, Pantothenate एसिड होता है ये जितने भी न्यूट्रिएंट्स हैं ये बॉडी में डिफरेंट-डिफरेंट कामो में इन्वाल्ड है, अलग-अलग पोशक तत्वों के मेटाबॉलिज्म में इन्वाल्ड हैं| अगर ये शरीर में कम होंगे तो जो भी आप खाते हैं, खाने के बाद जो पोशक तत्व मिलते हैं उन पोशक तत्वों का हाजमा नहीं हो पाएगा| वो पोशक तत्व तो हजम नहीं हो पाएंगे अगर ये पदार्थ आपके शरीर में नहीं है, तो मोरिंगा खाने से ये सभी पोशक तत्व मिलते हैं जिसकी वजह से आप जो कुछ भी खाते हैं वह हजम होता है| जो भी न्यूट्रिएंट्स आपकी बॉडी में जाते हैं वे प्रॉपर्ली डाइजेस्ट होते हैं जिसका फायदा आपको मिलता है|उदाहरण के लिए जैसे जो Thiamine होता है ये कार्बोहाइड्रेट्स को एनर्जी में बदलता है और आरएनए और डीएनए का निर्माण करता है| तो अगर Thiamine नहीं होगा आपकी बॉडी में तो कार्बोहाइड्रेट्स आप खा तो लेंगे लेकिन आपको एनर्जी नहीं मिलेगी क्योंकि कार्बोहाइड्रेट्स पचेंगे नहीं और जो Thiamine होता है ये आपको मोरिंगा से मिलता है| इसी प्रकार जैसे Riboflavin है ये फैटी एसिड को पचाने में मदद करता है| जो Niacin है ये फैट ग्लूकोज और अल्कोहोल को पचाने में मदद करता है| तो आपकी बॉडी में जितने भी अलग-अलग तरह की प्रक्रियाएं होती हैं उन सबको करने के लिए मोरिंगा बेनिफिशियल है| मोरिंगा में ऐसे कंपाउंड्स है, ऐसे पदार्थ हैं जो आपकी बॉडी को चाहिए बॉडी के अलग-अलग कामो को पूरा करने के लिए|
मोरिंगा जो है यह Teeth और Bones के लिए बहुत फायदेमंद है क्योंकि इसमें कैल्शियम बहुत अधिक मात्रा में मौजूद है इतना कैल्शियम आपको दूध से भी नहीं मिलता जितना कैल्शियम आपको मोरिंगा से मिलता है और दूध से मिलने वाला कैल्शियम उतना डाइजेस्टेबल भी नहीं होता, मोरिंगा से मिलने वाला जो कैल्शियम है ये बहुत ज्यादा डाइजेस्टेबल होता है जिसका फायदा आपकी हड्डियों को और आपके दांतों को मिलता है, आपके स्ट्रक्चर को मिलता है| हड्डियों में अगर किसी भी तरह का कोई दर्द होता है, हड्डियां कमजोर हैं तो मोरिंगा खाने से आपकी हड्डियों की जितनी भी समस्याएं हैं वो ठीक होती है| मोरिंगा खून की कमी को भी दूर करता है क्योंकि इसमें आयरन होता है जैसे मैंने आपको पहले भी बताया था एनीमिया वाले लोग मोरिंगा का सेवन जरूर करें इससे आपका एनीमिया दूर होगा| अगर आपको कोई बालों की प्रॉब्लम है, कोई स्किन की प्रॉब्लम है तो मोरिंगा खाने से ये सभी प्रॉब्लम्स दूर होती है| मोरिंगा में Zinc होता है जो बालों के लिए और स्किन के लिए जरूरी होता है तो स्किन की हर तरह की प्रॉब्लम को दूर करने के लिए और बालों की हर तरह की प्रॉब्लम को दूर करने के लिए मोरिंगा फायदा करता है|
9) टिशु डैमेज (Moringa Benefits)
आपके शरीर में जो टिशु डैमेज हो चुके हैं उनकी रिपेयर करता है| आपको पता है Day to Day लाइफ में हमारी बॉडी में टिशुज की डैमेज होती रहती है और हमारा शरीर इस डैमेज की रिपेयर करता रहता है इस डैमेज को रिपेयर करने के लिए हमारे शरीर में ग्रोथ हारमोंस बनते हैं और इन ग्रोथ हारमोंस को बनाने के लिए एक पदार्थ चाहिए होता है जिसका नाम है arginine और यह मोरिंगा में होता है| तो मोरिंगा खाने से arginine मिलता है जो आपके शरीर में जाकर ग्रोथ हारमोंस बनाता है और यह जो ग्रोथ हारमोंस होते हैं ये आपकी बॉडी में जाकर रिपेयर का काम करते हैं| आपके जितने भी टिशूज हैं, सेल्स हैं जो टूटते हैं उनको रिपेयर करते हैं ये ग्रोथ हार्मोन| तो मोरिंगा का अगर आप रेगुलर सेवन करते हैं तो आपका शरीर जो है वे रिष्ठ पुष्ट बना रहता है, तंदुरुस्त बना रहता है क्योंकि जो भी रेगुलर बेसिस पर इसको नुकसान होता है वह नुकसान ठीक हो जाता है मोरिंगा का सेवन करने से|10) एक्सक्रेटरी (Excretory) प्रोसेस (Moringa Benefits)
आपके शरीर में जितने भी एक्सक्रेटरी (Excretory) प्रोसेस होते हैं उनको इंप्रूव करता है, उनको सुधार करता है| एक्सक्रेटरी प्रोसेस क्या होते हैं की आपकी शरीर से वेस्ट पदार्थ जो बाहर निकलते हैं वे अलग-अलग तरीको से बाहर निकलते हैं, एक्सक्रीट होते हैं आपकी बॉडी से वेस्ट पदार्थ बाहर जैसे पसीने के जरिए, यूरिन के जरिए, टॉयलेट के जरिए तो जितने भी प्रोसेस बने हुए हैं आपके शरीर से वेस्ट को बाहर निकालने के लिए, वेस्ट को एक्सक्रीट करने के लिए जितने भी प्रोसेस है मोरिंगा इन प्रोसेस को इंप्रूव करता है| जितने भी बॉडी के एक्स्क्रेटरी प्रोसेस होते है इनको पूरा करने के लिए एक पदार्थ चाहिए होता है जिसका नाम है Aspartic acid. ये Aspartic acid एक्स्क्रेटरी प्रोसेस को रेगुलेट करने को चाहिए होता है और मोरिंगा में Aspartic acid होता है| तो अगर आप मोरिंगा का सेवन करते हैं तो आपको शरीर के जितने भी एक्स्क्रेटरी प्रोसेस हैं ये नॉर्मल चलते रहते हैं, रुकते नहीं हैं जिससे आपकी बॉडी की सफाई होती रहती है, जो टॉक्सिंस है वह आपकी बॉडी से बाहर आराम से निकलते रहते हैं कोई दिक्कत नहीं होती|11) एनवायरमेंट्टल (environmental) डिजीज (Moringa Benefits)
मोरिंगा का अगला फायदा भी बहुत जबरदस्त है| हमारे एनवायरनमेंट (environment) में रेडिएशन होती है और पॉल्यूशन की वजह से Pollutant होते हैं इस रेडिएशन और pollutant की वजह से बहुत सारी बीमारियां लगती हैं जिन्हें एनवायरमेंट्टल डिजीज कहा जाता है| मोरिंगा क्या करता है की मोरिंगा इन एनवायरमेंट्टल डिजीज के होने के खतरे को कम करता है| मोरिंगा में एक पदार्थ होता है जिसका नाम है Cysteine. ये पदार्थ एनवायरमेंट्टल डिजीज को रोकने के लिए बहुत अच्छा होता है और मोरिंगा में ये काफी अच्छी मात्रा में होता है| तो अगर आप मोरिंगा का रेगुलर सेवन करते है, तो एनवायरमेंट्टल की वजह से जो भी बीमारियां होती हैं और उनके होने का खतरा आपको कम होता है|12) ब्रेन पॉवर (Moringa Benefits)
मोरिंगा ब्रेन के लिए बहुत अच्छा होता है| इसे खाने से एक तो आपकी मेंटल एबिलिटी बढ़ती है, आपकी मेमोरी इंप्रूव होती है और उम्र बढ़ने के कारन आपका जो मेंटल decline होता है वह स्लो हो जाता है मोरिंगा खाने से| मोरिंगा में एक एसिड होता है जिसका नाम है ग्लूटेनिक एसिड यह ग्लूटेनिक एसिड ब्रेन के लिए बहुत ज्यादा जरूरी होता है तो अगर आप मोरिंगा का सेवन करते हैं तो आपको यह ग्लूटेनिक एसिड मिलता रहता है जिससे आपका जो ब्रेन है यह उतनी जल्दी decline नहीं होता, ब्रेन के जो सेल्स हैं इतनी जल्दी decline नहीं होते इससे आपकी जो मेंटल एबिलिटी है बनी रहती है इसके अलावा आपके ब्रेन में जो इलेक्ट्रिक इंपल्सिस का आदान-प्रदान होता है, ब्रेन को काम करने के लिए इलेक्ट्रिक पल्सेस की जरूर होती है और इलेक्ट्रिक पल्सेस को ट्रांसमिट करने के लिए एक पदार्थ चाहिए होता है जिसका नाम है Tyrosine. यह Tyrosine आपको मोरिंगा में मिलता है| तो अगर आपको उचित मात्रा में Tyrosine मिलता रहेगा तो आपके ब्रेन में इतने भी इलेक्ट्रिक इंपल्सिस हैं वह सही से चलती रहेगी और आपका ब्रेन सही से काम करता रहेगा, ब्रेन decline नहीं होगा, जल्दी बुढ़ापे का असर जल्दी नहीं आएगा आपके दिमाग के ऊपर, आप भूलेंगे नहीं जल्दी, तो ये फायदा है मोरिंगा खाने का|Moringa Side Effects:-
अब अगर इसके साइड इफैक्ट्स की बात करें तो मोस्टली मोरिंगा सेफ होता है लेकिन फिर भी आपको कुछ बातों का ध्यान रखना है :-
1) मोरिंगा में एक टॉक्सिन होता है जो नर्वस को पैरालाइज कर सकता है इस टॉक्सिन का नाम है Spirochin. ये टॉक्सिन अगर ज्यादा मात्रा में लिया जाए तो नर्वस को पैरालाइज कर सकता है लेकिन अच्छी बात ये है की यह टॉक्सिन सिर्फ मोरिंगा की जड़ में होता है, पत्तियां में नहीं होता| तो आपको मोरिंगा की पत्तियां का सेवन करना है अगर पत्तियां खाएंगे तो ये टॉक्सिन आपको नहीं मिलेगा|
2) अगर आपने मोरिंगा को ज्यादा मात्रा में खा लिया गलती से तो इससे क्या हो सकता है आपको लूज मोशन लग सकते हैं, आपका पेट अपसेट हो सकता है और आपको गैस्ट्रोनॉमिक इश्यूज हो सकते हैं, आपके पेट में गैस बन सकती है, दर्द हो सकता है तो आपको मोरिंगा का सेवन उचित मात्रा में करना है| तो कितनी quantity खानी है, अगर आप पाउडर का सेवन कर रहे हैं तो आधा चम्मच एक दिन में, इससे जादा ना खाये| अगर सब्जी खानी है तो महीने में दो बार खा ले, अगर मात्रा से ज्यादा नहीं खाएंगे तो आपको कोई नुकसान नहीं होगा|
3) जो प्रेग्नेंट लेडीज हैं उनको मोरिंगा का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि अगर गर्भवती महिलाएं मोरिंगा का सेवन किसी भी रूप में करती हैं तो उनका miscarriage हो सकता है, गर्भ गिर सकता है क्योंकि जो मोरिंगा होता है यह यूट्रस को कॉन्ट्रैक्ट करता है यानी यूट्रस को सिकोड़ता है जब यूट्रस सुकड़ेगा तो गर्भपात हो सकता है, तो इस बात का हमेशा ध्यान रखना है की गर्भवती महिला को मोरिंगा का सेवन नहीं करना है| एक बार जब बच्चा पैदा हो गया उसके बाद आप सेवन कर सकते हैं कोई दिक्कत नहीं है लेकिन जब तक बच्चा आपके गर्भ में हैं तब तक आपको मोरिंगा का सेवन नहीं करना है किसी भी रूप में, पत्तियां का सेवन भी नहीं करना है| तो ये तीन बातें थी इसके साइड इफेक्ट्स में, इनका ध्यान रखेंगे तो आपको कोई नुकसान नहीं होगा आप मोरिंगा का सेवन आराम से कर सकते हैं और मोरिंगा के सभी फायदे आप प्राप्त कर सकते हैं|
Disclaimer : यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। यह पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। यदि आपको कोई बीमारी है, तो कृपया डॉक्टर से परामर्श करें और डॉक्टर की सलाह पर ही कोई निर्णय लें।
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